भाषा / Language
लेखनी की राह में हमेशा मेरा मनोबल बढ़ाने वाले सुरेश सारस्वत…
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लेखनी की राह में हमेशा मेरा मनोबल बढ़ाने वाले सुरेश सारस्वत sir आपको नमन ... आपका स्नेह @कल्पना लाइव के लिए सबके साथ साँझा कर रही हूँ।
साथ रहें सदा💐💐💐💐
छनन... छनन... करती आकाश से उतरती @कल्पना लाइव... आपके नाम को साकार करती अनन्य कविताओं का खूबसूरत संग्रह है जहां हर शब्द प्रेम की अनंतता की खोज में अभिव्यंजित है।
आप ही के शब्दों में कहुँ तो हरश्रृंगार सी कवितायें @कल्पना लाइव यानि जीवन्त बसंत का प्राकट्य रूप है
प्रेम की अनुभूति जब अनंत भाव से होती है तो सृजन विसर्जन नैसर्गिक होता है, हर शब्द भाव संयोजन अनुपम सौन्दर्य को खोलता है। आपकी कविताओं से गुजरने में एक गहरा ठहराव है जो आसानी से विचारों में आगे बढ़ने नहीं देता। पाठक अपनी कल्पनाओं को @लाइव खोजने लगता है। कुछ ऐसा ही अनुभव हुआ मुझे भी, अनुक्रम से कविताओं के शीर्षक पठन के साथ ही एक अलग खूबसूरत संवाद स्थापित होने लगा। ऐसा बहुत कम होता है कि शीर्षक मुखर भी हो और इतना गहरा हो।
#खूबसूरत नहीं हूँ मैं, कहकर खूबसूरत आगाज़ ... अद्भुत अनुभूति होती है जब एक कदम में सौ उड़ान की राह दृश्य हो ...जिसमे प्रेम तत्व की उपस्थिति हर लम्हा स्पर्श हो। #कौन छू पाता है यूँ शब्दों से तितलियों की थिरकन और उसमें बसी प्रेम परवाज़ को....
#लम्हे रुके मगर ज़िन्दगी से लिपट कर और फिर विलीन हो गए आसमान बन,यही प्रेम का अनंत विस्तार है, चाँद से यूँ अपनेपन से गुफ़्तगू करना और उसे निल बट्टा निल...शून्य कह देना ...फिर से प्रेम में विलीनता का ही स्वरूप है
# सही कहा है आपने मायावी है कल्पना और जब उसे उसी के अंदाज़ में आग़ोश में लेते हैं तो सचमुच शब्द जादू करते हैं
#शब्दों से मुलाकात इतनी गहरी होने लगती है कि हमेशा अधूरी लगती है यही है प्रेम का अनंत स्वरूप जो हर भाव दृष्टि में घुलने लगता है और एक स्वरूप में पाकर अधूरा करती है...
#अक्सर रात का एकांत अपनी गहराइयों को उथल कर अनंतता उड़ेल देता है पहाड़ों पर उगती रातों में जैसे प्रेम ही प्रेम बिखरा मौन संगीत में ढल कर गूंज रहा हो
#निगोड़े बादलों से अबोला प्रेम हर दहलीज़ को पढ़कर आगे बढ़ रहा प्रेम की ये निर्बाध गति कहाँ रुकती है किसी लकीर या सरहद पर, यही अनंतता है...
#शब्द शब्द टटोलना उसके भाव नृत्य को खोलना... प्रेम को एकात्म भाव में खोजना कल्पना को लाइव पढ़ना ही है...शब्दों से प्रेम बस इसलिए कि उसमें निहित हर तत्व को विस्तार से प्रेम परिप्रेक्ष्य में पढ़ लेना, हर अकेलेपन को जीवंत कर देता है
#नदी सा कर दे ये भाव ही अद्भुत प्रवाह की खोज है
#हाशिये से फेहरिस्त तक ऐसा लगता है जैसे प्रेम की अनंतता की सारी दिशाओं को खोल दिया
मैं लंबे समय से आपकी गहन प्रेम बोध की रचनाओं को गहनता से पढ़ता रहा हूँ, हर रचना नये परिवेश में प्रेम को खोलती, बोलती अपने सँग बहाकर ले जाती है ।
एक अलहदा नैसर्गिक अंदाज़ है आपका जो जीवंतता से भरता है और सचमुच ऐसा ही कहता है कि जीवन @कल्पना लाइव है
प्रेम की अनंतता से जुड़े रहो, मुस्कान हर लम्हा साथ रहेगी...
बेहद खूबसूरत कलात्मक आकाश भाव से भरा आवरण आपकी साहित्य जगत में सांगीतिक उपस्थिति की प्रखर दस्तक है जो प्रथम संकलन से ही दूर तक सुनाई दे रही है, निस्संदेह आपकी सृजन यात्रा प्रेम के अद्भुत शिखर टटोलेगी
ये मेरा सौभाग्य कि आपके स्नेह भाव सँग आपकी कृति पढ़ने को मिली, अनंत शुभकामनायें ...प्रेम को ऐसे ख़ोजते रहे....
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें