कल्पनाशब्दों के बीच
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दिल से आभार Jitendra Prasad Mathur जी आपने @कल्पना लाइव को…

दिल से आभार Jitendra Prasad Mathur जी आपने @कल्पना लाइव को समय दिया। आपके शब्दों को सँजो रही। साथ बना रहे। पुस्तक चर्चा - ~~~~~~~~~~~~ काव्य संग्रह , "कल्पना लाइव" !! " कल्पना पाण्डेय " !! प्रकाशक- ऐपीएन पब्लिकेशन ,नई दिल्ली । मूल्य- 220 रुपये पृष्ठ- 104 ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ◆शब्दों की एक खूबसूरत कॉलोनी को आज मैंने मेरे शहर की ओर आते देखा है । जिसमें कुछ चुलबुले , कुछ मौन , कुछ अनकहे से शब्द एक सुन्दर पुस्तक रूपी फ्रेम में जड़े हुए मुझे आज प्राप्त हुए ।। कल्पना पांडेय जी की "कल्पना लाइव" अपनी मौन भाषा में वो कुछ कह गई है जो शायद हर कोई सम्मुख न कह पाये ! कुछ प्यारी सी कल्पनामयी कविताएं पाठक के लिए किसी पारितोषिक से कम नहीं हैं ।। रचनाओं को पढ़ने और उनकी बारीकियों को जानने के बाद लगा कल्पना जी परिपक्व कवित्री हैं हर कविता में प्रोढ़ता स्वतः ही झलकती है अब ये तो नहीं कहा जा सकता कि कल्पना जी अभी नोंसीखिया हैं ।। हर रचना का एक महत्वपूर्ण पहलू होता है भाव की प्रधानता ही रचना के लिए विशेष महत्व रखती है , कल्पना जी की हर रचना में इस तत्व को पाठक महसूस कर सकते हैं। इनकी रचनाओं में मैंने बहुत ऊँची उड़ान तो महसूस नहीं की पर जीवन के साम्य को जिस खूबसूरती से इन्होंने शब्दों के साथ बिखेरा है वो तारीफे काबिल है । इनकी रचनाएँ समय और सापेक्ष को मात देने जैसी भी लगीं ।। कुछ रचनाएँ जैसे निगोड़े बादल ,देहलीज , शब्दों की कालोनी, कल्पना की एक बूंद, काश, शब्द और प्रेम, तुम, परिधि, प्रेम जैसी रचनाएँ गहरा अर्थबोध लिए हैं वहीं कुछ रचनाएँ जैसे लट्टू लट्टू फिरती ओरते , माटी के पैमाने सी मैं , हद ,दंश,कविता का शितिज , चंचल मर्म को छूती सी प्रतीत हुई । कल्पना पांडेय की कविताओं का गुलदस्ता दूर से ही अपनी खुशबू बिखेरता सा प्रतीत होता है जो पाठक इन्हें पढ़ेगा वो भीतर तक गन्धमय मकरन्द से भर जायेगा इसमें संशय नहीं है ।। कल्पना पाण्डे जी को प्रकृति से प्रेम है ऐसा भी इनकी रचनाओं में दृष्टिगोचर होता है साथ ही अपनी मिट्टी में ख़ुद को छलकाते जाना भी इन्हें पसन्द है ।। कल्पना पाण्डेय जी को मेरी शुभकामनाएं एवं बधाई , साहित्य के क्षेत्र में ये निरन्तर आगे बढ़ती रहें । काव्य का प्रथम संकलन पाठकों को इतना पसंद आये की आगामी विश्व पुस्तक मेले में इनका एक और संकलन विमोचन के लिए तैयार रहे यही शुभकामनाएं हैं ।। ************************************ *डॉ. जितेन्द्र प्रसाद माथुर .* जयपुर ।। *********************************
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें