कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1427

भाषा / Language

सफ़र इसलिए नहीं तय होता कि हम आगे बढ़ते हैं बल्कि इसलिए कि पी…

सफ़र इसलिए नहीं तय होता कि हम आगे बढ़ते हैं बल्कि इसलिए कि पीछे सब छूटता जाता है हमसे। फ़िर चाहे सफ़र में यात्री मन हो या तन 😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें