कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1368

भाषा / Language

तुम्हारे शहर में इतनी तो जगह होगी ना कि मैं

तुम्हारे शहर में इतनी तो जगह होगी ना कि मैं .. अपने जंगल अपना समुन्द्र अपने प्रश्न अपनी चुप और अपनी ये कलम रख सकूँ?
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें