कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
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रचना 1367

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सोचती हूँ

सोचती हूँ .... निकलूँ खुद से और ....इन शब्दों में घर बना लूँ..... तुम भी तो वहीँ कहीं रहते हो शायद 😊😊😊😊😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें