पिछले दिन की देह त्याग कर मैं रोज़ नए मन को जन्म देती हूँ। अपना दिन मैं खुद तय करती हूँ।
रचना 13665 अक्टूबर 2018भाषा / Languageहिन्दीEnglishपिछले दिन की देह त्याग कर मैं रोज़ नए मन को जन्म देती हूँ।✦पिछले दिन की देह त्याग कर मैं रोज़ नए मन को जन्म देती हूँ। अपना दिन मैं खुद तय करती हूँ।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें