कल्पनाशब्दों के बीच
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कहानी तो हूँ

कहानी तो हूँ... अभिव्यक्ति और सहनशक्ति के बीच असंख्य पन्नों वाली कभी शब्दों के आर पार कभी शब्दों से परे भी बस लिखी कागज़ पर नहीं जाती भरपूर ज़िन्दगी चाहिए मुझे कुरेदे जाने के लिए अपना जिया लिखने के लिए अपना लिखा जीने के लिए
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें