कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1156

भाषा / Language

उसे पहले से ही किसी की शिकायतें पसंद नहीं थी ।फिर सारी प्रा…

उसे पहले से ही किसी की शिकायतें पसंद नहीं थी ।फिर सारी प्रार्थनाओं से भी वह उचट गया। उसे जवाब ना देने की अजीब बीमारी थी । उसने संवाद वाला प्रेम कभी अपनाया ही नहीं। शब्दों को गुमशुदा कर देना उसकी बेहतरीन आदतों का हिस्सा था। उसे अपनी सारी प्रेमिकाएं मूक ही पसंद थी। निर्मोही ! तुम्हारे शब्दों का इंतज़ार रहेगा। प्रेम तुम्हारे हिस्से में भी कम ही रहे। खर्च न हो।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें