धुंआ पी कर आसमान नहीं लिखूंगी मन के भोले बादल टांक लूंगी चाँद ......तुम बस नीले हो जाना ।
रचना 11065 अप्रैल 2018भाषा / Languageहिन्दीEnglishधुंआ पी कर आसमान नहीं लिखूंगी✦धुंआ पी कर आसमान नहीं लिखूंगी मन के भोले बादल टांक लूंगी चाँद ......तुम बस नीले हो जाना ।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें