सफ़र खत्म करना था..... पहले ख़त लौटा दिए फिर .....एक रोज़ कलम रोक दी प्रेम कुछ देर स्थगित हुआ फिर ..... क़तरा क़तरा जड़ होता चला गया। सफ़र......कायम रहा ।