तुम बैर रख लो .... इश्क़ का प्रेम तो उड़ जाता है ..... ना जाने कितनों की तरफ मुड़ जाता है।
रचना 099810 जनवरी 2018भाषा / Languageहिन्दीEnglishतुम बैर रख लो .... इश्क़ का✦तुम बैर रख लो .... इश्क़ का प्रेम तो उड़ जाता है ..... ना जाने कितनों की तरफ मुड़ जाता है।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें