कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0965

भाषा / Language

शब्दों के बीच बहुत देर तक के रुके हुए फ़ासले

शब्दों के बीच बहुत देर तक के रुके हुए फ़ासले .... व्यर्थ कविता खूबसूरत पर मूक प्रेम
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें