तुम मिसरे कहो ..... हम मिश्री कहते हैं... इश्क़ सूफ़ियाना का कोई तय मिज़ाज़ थोड़े ही है.... 😊😊😊
रचना 096628 नवंबर 2017भाषा / Languageहिन्दीEnglishतुम मिसरे कहो✦तुम मिसरे कहो ..... हम मिश्री कहते हैं... इश्क़ सूफ़ियाना का कोई तय मिज़ाज़ थोड़े ही है.... 😊😊😊कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें