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रचना 0788

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अपना हिस्सा बना लेने का शुक्रिया इश्क़

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अपना हिस्सा बना लेने का शुक्रिया इश्क़ ... एक चाहना और कम करने का शुक्रिया इश्क़ अनहद और रोप देने के लिए ढ़ेर सारा प्रेम। 😊😊😊😊 याद
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें