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रचना 0703

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अपनी कहानी मैं किसी और दिन तुम पर रख दूँगी.... लाओ आज अपनी…

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अपनी कहानी मैं किसी और दिन तुम पर रख दूँगी.... लाओ आज अपनी नज़्म मुझमें रिस जाने दो । तितली ......फ़ूल .....नज़्म....कहानी अहा... ये शब्दों वाले प्रेमी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें