भाषा / Language
अक्सर सोचती हूँ तुम्हारा नाम लिख दूं
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अक्सर सोचती हूँ तुम्हारा नाम लिख दूं .....
उफ्फ.......इन अक्षरों में उलझ जाती हूँ
उलझी उलझी इन अक्षरों संग सो जाती हूँ ....
ख्वाबों में ये अक्षर ....
खुद ब खुद सुलझ जाते हैं
मेरे हो जाते हैं
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें