भाषा / Language
बस अभी लौटे हैं महफ़िल से मेरे शब्द
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बस अभी लौटे हैं महफ़िल से मेरे शब्द ....
आते ही बोले ....कल्पना !
हमें तालियों की गड़गड़ाहट नहीं
मौन रूहों को आहट सुना दिया करो
शोर में जी घबराता है
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें