कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0471

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कलम में शब्द .....तब तक नहीं भरे जा सकते

कलम में शब्द .....तब तक नहीं भरे जा सकते... जब तक दिमाग़..... दिल को ना जीत ले या फिर जब तलक..... दिल.... दिमाग पर फ़िदा ना हो जाये दिल दिमाग बीच ......शब्दों का समंदर और वो भी कलम के अंदर
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें