वो इक बूँद ही क्यों बने मोती ? जब सागर हो मेरे पास शब्दों का और वो सीप "कल्पना" का ....😊😊😊😊😊
रचना 04006 अप्रैल 2016भाषा / Languageहिन्दीEnglishवो इक बूँद ही क्यों बने मोती✦वो इक बूँद ही क्यों बने मोती ? जब सागर हो मेरे पास शब्दों का और वो सीप "कल्पना" का ....😊😊😊😊😊कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें