कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0331

भाषा / Language

हमारी मुफलिसी की दाद दीजिये

हमारी मुफलिसी की दाद दीजिये खाली मन .....,खाली हाथ ...... अपनी अदाएं गिरवी रख आये खरीदारी करके जो लौटे हैं भारी मन .......भरे हाथ ....,, तेरी यादें जिगरी रख लाये लोग यूँ ही मुझे बांवरी नहीं कहते कल्पना पाण्डेय
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें