कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0302

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Tasveer dekh kar likhna mujhe bahut pasand hai .... Is tasv…

Tasveer dekh kar likhna mujhe bahut pasand hai .... Is tasveer ke kitne kareeb pahunch paayi .... 😊😊😊😊😊 तुम्हारी .... इतनी बड़ी "ज़िन्दगी" में इक "छोटी सी डिबिया" में मेरी भी "दुनिया" बंद पड़ी है देखो ....... देखो तो सही ...... क्या पता दिख जाए उफ़ ! रोज़ की तरह .....आज भी ...... टालो मत ये कह कर .... कि .... पास की नज़र ....कमज़ोर है "छोटी चीज़ें" ....देख नहीं पाता हूँ सुनो .... कोशिश तो करो ...... "मैं यहाँ हूँ " ..... तुम्हारी "बड़ी सी ज़िन्दगी "की .... "छोटी सी डिबिया" में बंद लगता है ...... अब सुनना भी नहीं चाहते कहते तो तुम ....... पहले भी कभी नहीं थे कल्पना पाण्डेय
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें