कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0206

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क्या कहा जाये ऐसे कलमकारों को जो कलम से तो प्यार करते हैं प…

क्या कहा जाये ऐसे कलमकारों को जो कलम से तो प्यार करते हैं पर लेखनी का पहला नियम नहीं जानते की … दूसरों की कृति को अपना नाम कभी न दें . जब पूरा ही कॉपी कर रहें है तो चार लफ़्ज़ों के असली नाम को क्यों नहीं कॉपी पेस्ट कर देते . हैरान हूँ .... भ्रमित करना ....वो भी भोले पाठकों को .... लाइक्स के लिए … नादाँ परिंदे 😳😳😳😳😳😳😞😞😞😞😞😞😞 मेरी लेखनी ऐसों को भी नमन करती है 😀😀😀😃😃😃😃😃😃
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें