भाषा / Language
नव वर्ष बुला रहा है
✦
नव वर्ष बुला रहा है ..........
हाथों की लकीरें
इधर उधर कर दूँ
पर खोलूं फिर पैर
इस पंछी को
छु मंतर कर दूँ
इस बार उडून
बादलों में घर कर लूँ
नव वर्ष बुला रहा है
कुछ नया कर लूँ
नंगे पाँव दौडूँ
उस धनुक से
तक़दीर रंग दूँ
धूल उड़ा दूँ
हर ख्वाब
नया कर दूँ
बदलूं इस क़द्र
की जाने
क्या कुछ कर लूँ
अंधियारा पी लूँ
सब जगमग लूँ
नव वर्ष बुला रहा है
कुछ नया कर लूँ
बस खुशियां बिछा दूँ
सबके गम ढंका दूँ
कल का आसमा रंग दूं
आज को रंगोली बना दूँ
इस हथेली सुकून का चाँद
उस हथेली खुशहाली
का सूरज गढ़हा दूँ
मुट्ठी खोलूं जब भी
सबको नव वर्ष का
तोहफा बढा दूँ
Happy new year in advance to all my near and dear ones . May god bless us all .
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें