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खाने में डाइटिंग के अलावा

खाने में डाइटिंग के अलावा आजकल मुझे दोस्तों ,लोगों ,रिश्तों को भी डाइट करना आने लगा है या कहिए सीख गई हूं। इसमें सुख है। आत्म सुख। उम्र की हाफ सेंचुरी पर पहुंचते हुए अब स्वार्थी हो जाना चाहती हूं। अक्ल देर से आई नहीं कहूंगी ... मन ने ही अब कहा। अल्हड़ अकेली नदी का जादू चखना है। Weeding एक जरूरी शब्द है। मैंने आत्मसात कर लिया है। कस्टमाइज सेल्फ... कम कम बहुत ही कम संवाद कम कम बहुत ही कम लोग कम कम बहुत ही कम शौक कम कम बहुत ही कम शोर कम कम बहुत ही कम चिंता पसंद की किताब , जगह, लोग, संगीत, रिश्ता ,शौक अच्छा लगता है कट जाना .... ईश्वर के पास जाना और प्रेम में बस मुस्कुराना। *वो करना जिसकी जवाबदेही सिर्फ़ मेरी हो। मुझे फ़र्क पड़ता हो। सेल्फ 💕
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें