कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 4460

भाषा / Language

प्रेम सिर्फ़ प्रेमी के लिए नहीं लिखा जाता

प्रेम सिर्फ़ प्रेमी के लिए नहीं लिखा जाता... प्रेम हर उसके लिए लिखा जाता है जो उसे प्रेम से पढ़ता है। वह अपने प्रेमी होने को पुख़्ता करता है। 😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें