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तुम्हें पता है सुख के बाद दुःख क्यों आता है? लड़के ने लड़की…

तुम्हें पता है सुख के बाद दुःख क्यों आता है? लड़के ने लड़की के कांधे पर सिर रखते हुए पूछा। हां ... क्योंकि सुख मीठा होता है उसमें कुछ देर बाद चींटियां लग जाती हैं...और मिठास सोख लेती हैं.... कटोरी में दुःख ही दुःख रह जाता है। अच्छा बताओ दुःख कैसे खत्म होता होगा फिर? कटोरी में बचे दुःख को वक्त रोज आ आकर एक एक चम्मच *कोई ना..... सबर* कहते हुए साथ ले जाता है...और फिर एक दिन दुःख खत्म हो जाता है। लड़की की इस बात पर लड़के ने जोर से ठहाका लगाया और उसे प्यार से चूम लिया। *देखो अभी कटोरी फिर सुख से भर गई है। बस इतनी ही तो तुम से भी आस थी उस रोज भी।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें