कल्पनाशब्दों के बीच
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संवाद संबंध की जीवन रेखा है।

संवाद संबंध की जीवन रेखा है। आप क्या ,कब,कैसे कहते हैं यही मायने नहीं रखता ...आप कब कहना बंद कर देते हैं वह असली मायने रखता है। दो लोगों के बीच अर्ध चंद्राकार मुस्कान संवाद से ही खींचती है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें