कल्पनाशब्दों के बीच
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बरसों बाद फिर मिलेंगे

बरसों बाद फिर मिलेंगे .... फिर तुम मुझसे पूछोगे कैसी हो? बरसों बाद फिर मैं गले लग कर होले से कहूंगी..... Still in love with u. याद है मैंने कहा था एक दुःख जिंदगी भर ढोया जा सकता है। बरसों बाद उस रोज पहाड़ खिसकेगा। ये सिर्फ़ मैं जानती हूं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें