कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 4412

भाषा / Language

ना कुछ लोग छूट पाते हैं

ना कुछ लोग छूट पाते हैं... ना उनके दिए तोहफ़े मैं भी कहां मिटती होंगी तुमसे। शुभ रात
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें