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रचना 4401

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तुम पर मेरी आंखों को उदास करने का इल्ज़ाम है

तुम पर मेरी आंखों को उदास करने का इल्ज़ाम है ...... इस मुस्कान की तिड़क से मैं तुम को बरी करती हूं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें