कल्पनाशब्दों के बीच
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मन देखने दिखाने वाली चीज़ थोड़े ही है।

मन देखने दिखाने वाली चीज़ थोड़े ही है। जिसमें तुम्हें पढ़ने का हुनर होगा वो अपनी ब्रेल खुद बना लेगा । मैं तक रही तुमको।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें