भाषा / Language
मैं जानती थी
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मैं जानती थी...
तुम्हारे लिए पूरी नहीं पडूंगी।
तुम रेत में पहाड़ ढूंढ रहे थे ।
मैं पहाड़ में पहाड़।
हम दो लोग दो अलग अलग जगह पर एक प्रेम ढूंढ रहे थे।
*कैसे हुआ कैसा हुआ तू इतना जरूरी कैसे हुआ.... गीत हेडफोन पर बज रहा अभी।
शुभरात।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें