कल्पनाशब्दों के बीच
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मीठी याद

मीठी याद.... आज ही के दिन २०१८ में रीजनल अवार्ड दिल्ली रीजन मुख्याध्यापिका से सम्मानित हुई। केंद्रीय विद्यालय संगठन में २५ साल की सेवा पूरी कर चुकी हूं। हर दिन नया सीखती हूं। रोज कुछ नया करती रहती हूं। कोई देखे न देखे मेरा काम ... ईश्वर देखता है। बच्चे देखते हैं। साथी देखते हैं। मेरा मैं देखता है। पुरस्कार एक चेक का निशान है कि सही जा रही। दिशा कायम रखो। प्रयास दुगने कर दो। अभी १२ साल का गढ़बंधन और है।सपने अब भी देखती हूं ।हर दिन जी कर आती हूं। मुस्कान बिखेरती रहती हूं। खुद भी हंसती रहती हूं। दूसरों के दुख सोखने में लगी रहती हूं। I don't believe in compromises.I love to carve my own path . I can't lower my standards. U really have to be sincere and truthful to be my companion. I just can't tolerate low vibration people. Purity is the only mantra I practice. I can smell fake people . Many more desires and milestones to be achieved . Thank u for all your love and blessings. Keep motivating .
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें