कल्पनाशब्दों के बीच
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एक हो रहना ...कठिन है।

*एक हो रहना ...कठिन है। बेशक तुम्हारे आगे सौ प्याले रखें हों बेशक तुम हद प्यासे हो... अवसर की प्रक्रिया को समझना .... तुम एक प्याला चुनना बस एक घूंट चखना। प्याले को मान देना। प्यास बचाए रखना। हर रखे प्याले को मुंह न लगाना प्यास की आड़ में ज़हर न हो जाना
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें