कल्पनाशब्दों के बीच
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कल मेले में हिंदीनामा के स्टॉल पर अंकुश को कहा मुझे भी एक प…

कल मेले में हिंदीनामा के स्टॉल पर अंकुश को कहा मुझे भी एक पोस्टर बनवाने की इच्छा है ।उन्होंने Satyam Samraat Acharya जी से मिलवाया जो वहीं मिनटों में अपनी आर्ट कैलीग्राफी का जादू रच रहे थे। जिंदगी में अपने लिखे को जादुई करने का पहला मौका था। उनसे कहा मेरी लिखी ये पंक्तियां लिख दो। उन्होंने पल भर में इतना खूबसूरत रच दिया। दोस्तों ने साथ फोटो खिंचवाकर मेरा उत्साह वर्धन किया। Naresh Gurjar ने तो पढ़ दी पंक्तियां । घर लौटते वक्त बस में अचानक प्रख्यात कलमकार श्री लीलाधर मंडलोई जी मिल गए। मैंने उन्हें अपना परिचय दिया कि वे और मैं दोनों RCE Bhopal के aluminii हैं। वे past KV collegue भी हैं। उनसे मिलकर बातें करके बहुत अच्छा लगा। चलते चलते हाथ में लिया पोस्टर दिखाया और उनके साथ metro pillar के पास ही तस्वीर ली। ईश्वर का जादू भी अद्भुत है। पहले ही बार में सुंदर आशीर्वाद मिला मुझे। मेरे विद्यालय आने का वादा किया है उन्होंने। ये याद भी जुड़ गई मेरे मानस पटल पर।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें