मेरे लिए ही गुम रहते हो..... बाक़ी सब के लिए तुम रहते हो कस्तूरी हो क्या?
रचना 42362 मार्च 2023भाषा / Languageहिन्दीEnglishमेरे लिए ही गुम रहते हो✦मेरे लिए ही गुम रहते हो..... बाक़ी सब के लिए तुम रहते हो कस्तूरी हो क्या?कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें