कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 4220

भाषा / Language

इतना भर तस्कीन रहा कि ज़िन्दगी ना सही बेहिसाब हर्फ़ भरे जा सक…

इतना भर तस्कीन रहा कि ज़िन्दगी ना सही बेहिसाब हर्फ़ भरे जा सकेंगे तुम्हारे नाम के। ज़रूरी सामान की फ़ेहरिश्त छोटी सी है मेरी ... कुछ कागज़ और ये कलम बाक़ी तो सब इनमें ही समां जाता है ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें