कल्पनाशब्दों के बीच
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हमेशा कहा

हमेशा कहा... आज फिर कहूंगी... हम बेहद सलीके से बने दो लोग हैं... प्रेम में खो जाते हैं उदासी में मिल जाते हैं। 💕 यू
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें