कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 4177

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हम साथ साथ सुंदर लगते हैं

हम साथ साथ सुंदर लगते हैं... ज़िन्दगी लिए खड़े रहते हैं और प्रेम लिए बैठ जाते हैं। *तुम्हारा स्मृतियों में अंगुली फंसाना अच्छी बात नहीं .... उलझी लट दुखती है बहुत। कई बार ज्यादा सोचा, उससे ज्यादा लिखा और उससे भी ज्यादा बनाया है तुम्हें ...जी भर । एक खूबसूरत बात मेरी यह भी है कि उससे कहीं अधिक हर बार मिटा देती हूं तुम्हें । मुझे तुम ना होते हुए भी... होते हुए दिखाई दे जाते हो। तुमको आंख भर देखना प्रेम है।सबको दिखा देने से बहुत ज्यादा रूमानी और तुमको सबसे छुपा देना इन सब से कहीं अधिक प्रेमिल यात्रा ..... अपनी ओर अपने लिए
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें