कल्पनाशब्दों के बीच
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सब भाव देते हैं मायके में ....एक ब्रूनो महाशय मुंह नहीं लगा…

सब भाव देते हैं मायके में ....एक ब्रूनो महाशय मुंह नहीं लगाता। कबसे कह रही चल सेल्फी लेते ....मान ही नहीं रहा मेरी बात। मासूमियत over loaded है उसमें पर अतरंगी टाइप्स है। Pets के नाम पर मेरे घर में मछलियां हैं दिल्ली में। मुझे बहुत ज्यादा प्यार आता नहीं इन पर लेकिन ब्रूनो ने मोह लिया है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें