किसी रोज़ गले मिलूंगी तो पूछुंगी तुमसे ... ज़िन्दगी इतनी भर है तो रोज़ क्यूँ नहीं मिल जाती। 💕
रचना 414821 जनवरी 2023भाषा / Languageहिन्दीEnglishकिसी रोज़ गले मिलूंगी तो पूछुंगी तुमसे✦किसी रोज़ गले मिलूंगी तो पूछुंगी तुमसे ... ज़िन्दगी इतनी भर है तो रोज़ क्यूँ नहीं मिल जाती। 💕कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें