भाषा / Language
वैसे तो चाहना की उम्र गिनी नहीं जाती... पर ये वाली आज चार ब…
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वैसे तो चाहना की उम्र गिनी नहीं जाती... पर ये वाली आज चार बरस की हो गयी।
@कल्पना लाइव
मेरी bucket list की वो चाहना है जिसे मैंने खुद के लिए पूरा किया। खुद से।
पता नहीं... कब फिर लेखनी का मोरपंख मेरे नाम वाला बने......
दूसरी किताब लाने का मन बना लिया है। ईश्वर राह दे। जल्द मनोरथ पूरा हो मेरा।
पर तुम बने रहोगे।
कुछ तस्वीरें मिट ही नहीं सकती। इस बरस मिलना न हुआ । जल्द मिलें....
बस यही दुआ💐💐💐
इस रोज़ के लिए शुक्रिया...
Lalitya Lalit sir, KC ji,Rajesh ji, Farha Uves ji और आप सब का भी
बेहद खुशनुमा याद है ये मेरी।
सदा रहेगी।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें