भाषा / Language
तुम्हारे साथ जाना कि दिल दो होते हैं
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*तुम्हारे साथ जाना कि दिल दो होते हैं....
एक धड़कने वाला ...
दूजा चुप रहने वाला।
*तुमने जताया कि कहना बेहद मामूली चीज़ है ।सब कहते हैं।
तुम चुप सुंदर लगती हो।
*पा लेना और पाने के बीच की कशमकश फ़िज़ूल है ...
प्रेम के बावन पत्तों में सब पर हाँ लिखा है हमने।
चुप्पी ऑप्शन नहीं illusion है हमारा।
*प्रेम बरसों में नापा जाता है।
पिछले कई और अगले सभी महीने ....तुम तक ...
बस तुम तक
छपा कर रख दिए हैं मैंने।
*तुम से क्या कहूँ....
क्या मांगू?
"ईश्वर मेरा मन तुममें कब का लगा चुका है। "
वो देना
वो दिलाना जानता है।
तुम मिल जाते हो मुझे... बेहिसाब
ना मिलकर भी।
शुभदिन
💕 यू जिंदगी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें