आवाज़ दूंगी तो पहाड़ों को दूंगी । दीवार तुमको को क्यों दूंगी? तुमको तो प्रेम दूंगी । रखो दिल..
रचना 406618 दिसंबर 2022भाषा / Languageहिन्दीEnglishआवाज़ दूंगी तो पहाड़ों को दूंगी ।✦आवाज़ दूंगी तो पहाड़ों को दूंगी । दीवार तुमको को क्यों दूंगी? तुमको तो प्रेम दूंगी । रखो दिल..कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें