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तुम मेरे हो....अमूमन

तुम मेरे हो....अमूमन जैसे नींद का हो स्वप्न मैं तुम्हारी हूँ...अनायास जैसे दिन की हो थकान
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें