कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 4030

भाषा / Language

स्नेह के हिस्से नहीं हो सकते

स्नेह के हिस्से नहीं हो सकते... हां..... स्पर्श चटक सकता है प्रेम कभी नहीं छूटता। उसकी स्वीकृति छूट जाती है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें