भाषा / Language
तुमने बार बार हर बार कहा ...सांस भी न लेना और ज़िंदा भी रहना ।
✦
तुमने बार बार हर बार कहा ...सांस भी न लेना और ज़िंदा भी रहना ।
मैं अक्सर इस बात पर उदास हो जाती थी ।
अब जब सोचती हूं तो लगता है तुम कितने सुलझे ढंग से कहा करते थे ...
मैं प्रेम में हूं तुम्हारे
तुम भी रहना ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें