ख़ाली पन्नों में भी मेरी कविता मौजूद है...... ये अलग बात है कि वो शब्दों से आज़ाद है। जैसे तुम।
रचना 39884 नवंबर 2022भाषा / Languageहिन्दीEnglishख़ाली पन्नों में भी मेरी कविता मौजूद है✦ख़ाली पन्नों में भी मेरी कविता मौजूद है...... ये अलग बात है कि वो शब्दों से आज़ाद है। जैसे तुम।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें