कल्पनाशब्दों के बीच
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रोशनी और अंधेरा सदियों से प्रेमी हैं

रोशनी और अंधेरा सदियों से प्रेमी हैं.. पूरक प्रेमी..... डूबे हुए... एकाकी *अल्मोड़ा शहर का नजारा अभी मेरे घर से।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें