कल्पनाशब्दों के बीच
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तोसे नैना जब से मिले

तोसे नैना जब से मिले.... मिलोगे तो .....चिनार के सारे पत्ते दे दूँगी। हरे पीले लाल भूरे... तुम बस एक बार मुझे कल्पना कह देना। शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें